कोरोना अर्थात कोविड-19

आज वर्तमान मे वैश्विक महामारी पूरे विश्व में एक ऐसा संक्रमण है जो मानव शरीर में प्रवेश कर जाने के पश्चात मनुष्य में एक भयावह बीमारी फैलाता है जिससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर श्वसन क्रिया के माध्यम से पहले गले को संक्रामित करता है जिससे शरीर में तेज बुखार, जुखाम, खांसी, खराश, गले में दर्द। सूजन, आदि लक्ष्ण प्रथम अवस्था में दिखाई देने लगते है। यह संक्रमण मनुष्य को बहुत प्रभावित कर देते है जिससे बीमारी बढ़ कर विकराल रूप ले लेती है तब मनुष्य को बचाने में बहुत मुश्किल हो जाती है।

वर्तमान में वैश्विक महामारी में आज कोराना नाम के वायरस ने प्रभावित किया है, लेकिन आज से पहले भी पहले भी वैश्विक महामारी हमारे देश में पहले भी वायरल संक्रामित वायरस हमारे देश में पहले भी आ चुके है बस उनके रूप आकार नाम के विभिन्न अवस्था मे रह चुके है, जैसे चिकिन पाक्स, एच. आई. वी. जिंका वाइरस, शरीर के विभिन्न भागो को प्रभावित करता है। यह सभी वायरस सबसे पहले मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है।

कोरोन का आकार, नष्ट कैसे होगा-

कोरोना एक निर्जीव कण है, जिस पर चर्बी (प्रोटीन) की एक परत चढ़ी होती है, यह कोई सजीव नही है इसलिये इसे मारा नही जा सकता है बलकि यह स्वतः ही कण-कण कर मर जाते है, या तो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण स्वतः प्रभावहीन हो जाते है।

चूकि वायरस बहुत कमजोर होते है इसके आकार की वाहृय स्तर चर्बी का बनी होता है यदि यह सुरक्षा परत को नष्ट कर दिया जाय तो यह नष्ट हो सकते है इसके लिये हमें अपने हाथो को सेनेटाइजर या साबुन से लगातार 20 सेकण्ड तक धोने से ऊपरी सुरक्षा परत नष्ट हो जायेगी और वाइरस नष्ट हो जाते है इसलिये जब भी आप बाहर से आये तो हाथो को अच्छे से धोना चाहिये और अपने वस्त्रो को गर्म पानी या ब्लीचिंग युक्त पानी में डालने से वाइरस से सुरक्षा की जा सकता है।

कोरोना से बचाव, उपाय-

कोरोना एक निर्जीव कण है जो ना तो दवाई से ना ही एंण्टीवायोटिक दवा का उस पर कोई असर हो रहा है क्योकि डा0 द्वारा दी जा रही दवाइयाँ कोरोना को मार तो नही सकती परन्तु बचाव अवश्य करती हैं । इसलिये आयुर्वेद के अनुसार यदि कोरोना का हाराना है तो कफ वाली सभी खाद्यय वस्तुऐ भोजन में ना ले ‘कफ’ की बीमारी को समाप्त करने के लिये कफ को शांत करना अनिवार्य है।

आयुर्वेद के अनुसार कफनाशक (कफ को नष्ट करने वाले) होते है, या कफवर्धक (कफ को बढ़ाने वाला) होता है। अब यदि किसी को कोरोना है ता उसका एक स्वच्छ कमरे में क्वारंटाईन करके हमें उस मरीज को कफवर्धक खाद्य वस्तुओ को भोजन में देना बन्द करना होगा। साथ ही मरीज को भोजन में कफ नाशक खाध चीजो को भोजन में देना होगा।

जब इस वायरस को बढने के लिए खाद्य (भोजन) पदार्थ ही नही मिलेगा, और जोभोजन हम देगे कफ नाशक (कफनष्ट करने) वाला तो यह स्वयं ही नष्ट हो जायेगा।

हमे कोरोना मरीज को भोजन या खाद्य पदार्थ में केवल कफ नाशक चीजे ही 5-7 दिनो तक लगातार देते रहना चाहिए। जैसे --

  1. .तुलसी, काली मिर्च, अदरक, हल्दी, गुर्च आदि।
  2. .शिलाजीत, मुलेहठी, आमलकी रसायन, काला वांसा आदि।
  3. . फलो में अनार, चीकू, नारियल पानी आदि।
  4. . जौ की रोटी, मूंग दाल, तरोई, जीरा, घीया सेंधा नमक, आदि।
  5. . गाय का दूध गर्म कर हल्दी के साथ पिये (दूध के साथ शीलाजीत देने से प्रतिरोधक क्षमता बढेगी)।
  6. . अभ्रक भस्म $ शहद सुबह/दो0/शाम
  7. . गर्म पानी 2-2 घटे में चाय की तरह ले। योगाभ्यास जरूर करे 1 घंण्टा प्रातःकाल ....।
  8. .मरीज का कमरा गर्म रखे जिससे पसीना आता रहे।
  9. . उपरोक्त खाद्य पदार्थो से प्रतिरोधक क्षमता बढेगी साथ कफ भी नष्ट हो जायेगा जिससे हमारे शरीर में वायरस स्वतः ही समाप्त हो जायेगी।
नोट:- 5-7 दिनो तक कफ वर्धक खाघ पदार्थो का सेवन नही करना है।

कफ वर्धक खाघ्य पदार्थ (भोजन) क्या है -

  1. . घी, तेल, दूध लस्सी, पनीर दही...।
  2. . आलू, प्याज उर्द, चने की दाल, फूल गोभी बन्दगोभी शिमला मिर्च, टमाटर मशरूम शकरकन्द आदि।
  3. . सन्तरा, सेब, केला, मशरूम आदि।
  4. . गेहू का आटा, बिस्कुट/ ब्रेड आदि।
  5. . माँस, अण्डा आदि।

नोट:- यह भोजन मे नहीं देना चाहिए।

स्वच्छता से बचाव --
  1. . सर्व प्रथम हमें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  2. . जब भी हम घर से निकले मुंख पर मास्क का प्रयोग करे ।
  3. . समय-समय पर अपने हाथो को सेनेटाइजर या साबुन से लगभग 15-20 सेकण्ड तक अवश्य धोये।
  4. . घर या बाहर आने जाने वालो के मध्य कुछ दूरियाँ बनाकर रखे।
  5. . खासते व छींकतें वक्त मुखं पर रूमाल अवश्य लगाये।
  6. . घर-बाहर कही भी थकने से बचे (मेहनत वाला काम कम करे)।
  7. . दिन में तीन से चार बार गर्म पानी चाय की तरह अवश्य पीना चाहिये।
  8. . तुलसी +अदरक + काली मिर्च + दाल चीन युक्त बिना दूध की चाय ले।
  9. . गिलोय + तुलसी + नीम + वांसा, आदि युक्त काढ़ा का प्रयोग करे।
  10. . नीम, गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा, नगकेशर, कालमेघ, सौठ,दालचीनी, मुलैठी ,काली मिर्च अडूसा एव नगरमोथा मिश्रित औषधियो का काढा़ लेने से कोरोना जैसे संक्रमण से बचा जा सकता है। साथ ही आप की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

अधिक जानकारी के लिए डा0 राव समित के चिकित्सक /वैध से निःशुल्क परामर्श ले।

धन्यवाद...

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